ममता बनर्जी; पश्चिम बंगाल सरकार ने ” दुआरे-दुआरे सरकार” नामक अभियान शुरू की है।

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पश्चिम बंगाल सरकार ने ” दुआरे-दुआरे सरकार” नामक अभियान शुरू की है। इस अभियान के तहत पश्चिम बंगाल के मौजूदा सरकार ममता बनर्जी के पिछले 10 सालों में जितने भी विकास कार्य हुए हैं उन सबके बारे में जनता को बताना है। साथ ही इस अभियान के तहत मौजूदा सरकार के नीति और योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना है।

पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि ” दुआरे-दुआरे सरकार” अभियान के तहत हर गांव 4 में शिविर लगाया जाएगा। यह अभियान तहत पश्चिम बंगाल राज्य के 344 ब्लॉकों में 1 दिसंबर से 29 जनवरी तक शिविर लगाया जाएगा । अधिकारी ने यह भी बताया कि यह शिविर हर गांव और नागरिक निकाय मे लगाया जायेगा। इन शिविरों में लोगों को आने की अनुमति होगी । इसमें मनरेगा ,जॉब कार्ड, हेल्थ कार्ड और जाति प्रमाण पत्र इत्यादि क बारे में जानकारी दी जाएंगी। साथ ही यह भी बताया जायेगा कि इन्हे कैसे इस्तेमाल किया जाता है । अधिकारी ने यह भी कहा कि बंगाल सरकार ने इस अभियान के लिए 3400 केंद्रों की स्थापना की है जिसमें 6800 से ज्यादा लोगों की तैनाती की गई है।

विपक्ष पार्टी भाजपा ने ममता बनर्जी के इस अभियान को चुनावी स्टंट बताया हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। भाजपा का कहना है कि यह एक जनता संपर्क अभियान है, जिसके तहत चुनाव का प्रचार किया जा रहा है । इससे पहले 10 सालों मे भी यह सारी सुविधाएं थी तो आखिर ममता सरकार ने यह जानकारी जनता तक पहले क्यों नहीं पहुंचाई।

बिहार के बाद अब अगले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने जा रहे है। ऐसे में वहां भाजपा और टीएमसी ने कमर कस ली है कि अपनी जीत दर्ज करा कर ही रहेंगे। इसके पहले ममता बनर्जी ने यह कहा था कि बीजेपी चाहे मुझे जेल में डाल दे तो भी मैं वहां से अपनी जीत सुनिश्चित करूंगी।


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