आईए मिलते है छत्तीसगढ़ के (बाबा रामदेव) लेखु राम से।

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आजकल भारत में ही योग की चर्चा नहीं है बल्कि सात समुंदर पार भी योग की चर्चा है और योग की चर्चा बिना रामदेव बाबा के अधूरा है। योग के बारे में जो भी जानता है या योगा करता है वह बाबा रामदेव से जरूर ही जानता है। आज हम बात करते हैं छत्तीसगढ़ के बाबा रामदेव के बारे में जो देखने में बाबा रामदेव की तरह ही मिलते जुलते हैं। यही नहीं बल्कि उनका पहनावा और बाल भी बिल्कुल बाबा रामदेव की तरह ही है। पैरों में खड़ाऊ, भगवा रंग की धोती , दाढ़ी और बाल भी बाबा रामदेव की तरह ही है, छत्तीसगढ़ के रामदेव बाबा को देख कोई धोखा भी खा सकता है।

छत्तीसगढ़ी रामदेव बाबा करीब 200 शिविरों में 50,000 से ज्यादा लोगों को योग सिखा चुके हैं और अन्य प्रांतों में भी शिविर ले चुके हैं। और इतना ही नहीं यह स्वदेशी का प्रचार भी करते हैं। यह कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड के ग्राम सुढ़ा निवासी है । इनकी उम्र 33 साल है और इनका नाम लेखु राम है। लेखु राम गांव के ही स्कूल में मिडिल क्लास तक पढ़ाई की है। उसके बाद उन्होंने कवर्धा के नवीन स्कूल से हाई स्कूल की पढ़ाई की है । उसके बाद पी पी कॉलेज से उधा कि शिक्षा लेने लगे ।

लेखु राम बचपन से ही बाबा रामदेव के बारे में जानना चाहते थे । वह उनके बारे में पढ़ना चाहते थे । और योग के प्रति भी लगाव उन्हें बचपन से ही था । उन्हे हमेशा बाबा रामदेव का योगा अभ्यास देखना अच्छा लगता था । और जब आसपास के गांव में या हाई स्कूलों में योग शिविर लगते थे ,तब वह वहां जरूर जाया करते थे ।

वर्ष 2010 में बाबा रामदेव का योग शिविर में लेखु राम को अभ्यास करने का मौका मिला था । वह उनकी जिंदगी का बेहतरीन दिन था और उसके बाद से उन्होंने अपनी जिंदगी के लक्ष्य को बदल लिया और वर्ष 2011 में बीएसपी अंतिम वर्ष की पढ़ाई छोड़ कर उन्होंने पूरा जीवन योग में लीन कर लिया । योग प्राणायाम और स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार प्रसार के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

उसके बाद ये शिविर आयोजित करने लगे लेखु राम जब भी शिविर में मंच पर योग करने के लिए उतरते हैं , तो वहां पर जिन्होंने बाबा रामदेव को पहली बार नहीं देखा है वह जरूर धोखा खा जाते हैं। उन्हें यह समझ में आता है कि बाबा रामदेव ही है । लेखु राम का मानना है कि अगर नई पीढ़ी को संभाल वी लिया जाए तो आनेवाले फ्यूचर में सत्यमेव उज्जवल हो जाएगा। इनके निवास क्षेत्र के लोग उन्हे लेखु बाबा के नाम से जानते हैं। लेखु राम रक्तदान, नशा मुक्ति, भारत माता की महाआरती, स्वच्छता अभिमान जैसे कामों के लिए जाने जाते हैं । और वह युवाओं को सिर्फ प्रेरित ही नहीं करते बल्कि उन्हें जगाते हैं । और उन्हें हमेशा भारत और जो योग के प्रति बहुत ही अच्छा मैसेज देते हैं।


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